पिग्मेंटेशन और डार्क सर्कल से पाएं छुटकारा, पाएं निखरी और बेदाग त्वचा! पिग्मेंटेशन यानी झाइयों की समस्या बहुत-सी महिलाओं को होती है. कई महिलाओं को तो प्रेग्नेंसी के दौरान या बाद में झाइयां हो जाती हैं. पिग्मेंटेशन कई कारणों से हो सकता है, जैसे- धूप में ज़्यादा देर तक रहना, हार्मोनल बदलाव, गर्भनिरोधक गोली, हाई ब्लड प्रेशर आदि के लिए ली जाने वाली दवाइयां या फिर विटामिन बी १२ की कमी और सस्ते कॉस्मेटिक्स के इस्तेमाल से भी झाइयां हो सकती हैं.
कैसे निपटें?
धूप में निकलने से २० मिनट पहले चेहरे पर ३० या उससे अधिक एसपीएफ वाला सनस्क्रीन अप्लाई करें. यदि आप फील्ड वर्क करती हैं तो ३-४ घंटे के अंतराल पर सनस्क्रीन लगाती रहें.
पिग्मेंटेड एरिया के डार्क कलर को हल्का करने के लिए रोज़ाना रात में सोने से पहले चेहरे पर २ प्रतिशत हाइड्रोक्विनोन वाली या १० प्रतिशत एज़ीलेक क्रीम लगाएं.
चेहरे को न तो रगड़कर पोंछे और न ही ज़्यादा देर तक स्क्रब करें.
चेहरा धोने के बाद हाड्रोक्यूनियन, कोज़िक एसिड, ल्यूकोरिस, विटामिन सी युक्त स्किन लाइटनिंग क्रीम लगाएं.
यदि फिर भी समस्या दूर न हो, तो डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह से स्किन ट्रीटमेंट करवाएं.
होम टिप्स
२ टेबलस्पून टमाटर के रस में १ टीस्पून नींबू का रस मिलाकर रोज़ाना चेहरे पर लगाने से झाइयां कम हो जाती हैं.
एक छोटे बाउल में २-२ टीस्पून नींबू व खीरे का रस मिलाकर चेहरे पर लगाएं और २० मिनट बाद धो लें.
चेहरे पर स्ट्रॉबेरी, कच्चे पपीते का पेस्ट या कच्चे आलू का रस लगाना भी फ़ायदेमंद होता है.
डार्क सर्कल
नींद पूरी न होना, बहुत थकान, पोषक तत्वों की कमी या हार्मो न्स के असंतुलन से आंखों के नीचे काले घेरे आने लगते हैं. ये घेरे यानी डार्क सर्कल आपकी आंखों की खूबसूरती बिगाड़ देते हैं. आंखों के आसपास की त्वचा बेहद संवेदनशील होती है, अतः उन्हें खास देखभाल की ज़रूरत है.
कैसे निपटें?
आंखों को रगड़कर न पोंछें और न ही आंखों पर ज़्यादा ज़ोर दें.
आंखों को बीच-बीच में आराम देना भी ज़रूरी है.
रात को सोने से पहले आंखों के आसपास की त्वचा पर मॉइश्चराइज़र लगाएं.
घर से बाहर निकलते समय आंखों के आसपास सनब्लॉक .
लोशन लगाएं धूप के प्रभाव से बचने के लिए सनग्लास पहनें.
आई मेकअप उतारने के लिए मेकअप रिमूवर का इस्तेमाल करें. डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह से कोज़िक एसिड या रेटिनल युक्त अंडरआई जेल का इस्तेमाल करें.
होम टिप्स
खीरा व पुदीने की पत्तियां पीसकर पेस्ट बना लें और इसे प्रभावित जगह पर लगाएं.
